सोमवार, 6 फ़रवरी 2012

टॉपर्स की कलम से : सफलता कैसे पाए .


मित्रो ,
सफलता की परिभाषा हर व्यक्ति के हिसाब से अलग होती है । अब अगर आप को अपनी सफलता को निर्धारित करना है तो सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा । जब तक आपका लक्ष्य निर्धारित न हो जाये तब तक किसी भी व्यक्ति की राह बिना पतवार की नाव की तरह होती है । लक्ष्य निर्धारित करने के लिए सबसे जरुरी है की आपका रुझान क्या है ? आप किस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते है ? अगर यह निश्चित हो गया तो अपने लक्ष्य के लिए सही और सार्थक मार्गदर्शन खोजिये जो आपको सही दिशा में आपकी मंजिल तक पहुचने का रास्ता बता सके ।
सफलता प्राप्ति के लिए कड़ी म्हणत का कोई विकल्प नही है । मगर मेहनत सही दिशा में और सार्थक होनी चाहिए , क्योंकि आप अगर गलत दिशा में मेहनत कर रहे है , तो इसका मतलब है , जैसे आप दीवार में चाहे कितना भी जोर लगा लो आप दीवार को बिलकुल भी नही हिला सकते है ।
डॉ ० चन्द्र प्रकाश पटेल
(म० प्र० लोक सेवा आयोग परीक्षा २००९ में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित )
क्रमशः ............

रविवार, 5 फ़रवरी 2012

लक्ष्य ने फिर से छुआ सफलता का नया आसमान



हाल ही में मध्य प्रदेश लोक सेवा की राज्य सेवा परीक्षा २००९ के परिणाम से एक बार फिर से सफलता का एक नया आसमान छू लिया है । इस बार संस्था के दो सदस्य राज्य सेवा परीक्षा में चयनित हुए है । चन्द्र प्रकाश पटेल ने मृत सूची में 16 वा स्थान पाकर उप जिलाध्यक्ष (डिप्टी कलेक्टर )का पद प्राप्त किया । मुकेश पाण्डेय ने १७२ वी रेंक पाकर आबकारी उप निरीक्षक का पद प्राप्त किया है ।

शनिवार, 28 जनवरी 2012

विश्व के वर्तमान महत्वपूर्ण अधिकारी

संयुक्त राष्ट्र महसचिव - बान की मून ( द० कोरिया )
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी - युकिया अमानो ( जापान )
यूनेस्को प्रमुख - इरिना वीकोवा
अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक कोष - क्रिश्तीना लोगार्ड ( फ़्रांस )
विश्व बैंक प्रमुख - राबर्ट जोएलिक
विश्व व्यापार संगठन - पास्कल लामी
यूनिसेफ प्रमुख - एंटनी लेक
इंटरपोल प्रमुख - रोनाल्ड के० नोबल
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति - जेक्स रोगे
फीफा प्रमुख - सेप ब्लाटर
एशियन क्रिकेट समिति - मुस्तफा कमाल (पकिस्तान )
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् - शरद पवार

भारत के वर्तमान महत्वपूर्ण पदाधिकारी

भारत के मुख्य न्यायाधीश - न्यायमूर्ति एच ० एस० कपाडिया
महान्यायवादी - गुलाम ई० वाहनवती
महाधिवक्ता - रोहिंटन नरीमन
राज्यसभा के सभापति - हामिद अंसारी
राज्यसभा के उप सभापति - के० रहमान
लोकसभा अध्यक्ष - मीरा कुमार
लोकसभा उपाध्यक्ष - करिया मुंडा
राष्ट्रिय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष - वजाहत हबीबुल्लाह
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष - डॉ रामेश्वर ओरांव
राष्ट्रिय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष - पी० एल ० पुनिया
राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष- एम० एन० राव
राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष- के ० जी० बालकृष्णन (कार्यवाहक )
राष्ट्रिय महिला आयोग - ममता शर्मा
परमाणु ऊर्जा आयोग - श्री कुमार बनर्जी
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया - दी० सुब्बाराव
राष्ट्रिय जांच एजेंसी - एस० के ० सिन्हा
इंटेलिजेंस ब्यूरो - नेह्चल संधू
इसरो - के० राधाकृष्णन
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा ) - एस० के० त्रिपाठी
मुख्य सूचना आयुक्त - सत्यानन्द मिश्र
मुख्य चुनाव आयुक्त - शाहबुद्दीन याकूब कुरैशी
राष्ट्रिय सुरक्षा गार्ड - आर० के० मेधेकर

गुरुवार, 26 जनवरी 2012

१५ अगस्त से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है २६ जनवरी



आप सभी को देश के ६३ वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये ।
जैसा कि सबको पता है कि २६ जनवरी १९५० को हमारे संविधान को लागू किये जाने के कारन हम सभी भारतवासी इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मानते है । वैसे हमरा देश पंद्रह अगस्त १९४७ को आज़ाद हुआ था , लेकिन पंद्रह अगस्त से भी ज्यादा धूम धाम से छब्बीस जनवरी मनई जाती है । तो मन में प्रश्न उठता है ऐसा क्यूँ ?
तो आपकी जानकारी के लिए बता दू , कि भले ही हम पंद्रह अगस्त १९४७ को वैधानिक तौर से आज़ाद हुए हो , मगर संवैधानिक तौर से तो २६ जनवरी १९५० को ही आज़ाद हुए । मतलब इस दिन के पहले हमारे पास न तो अपना संविधान था , न ही अपना गणतंत्र , न अपने कानून , न नागरिकता , न विधायिका और न ही कार्यपालिका- न्यायपालिका । हमारा देश अंग्रेजो के बनाये भारत शासन अधिनियम १९३५ से संचालित था ।
९ दिसंबर १९४६ को हमरी संविधान सभा का गठन हुआ ।
जिसके अस्थायी अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा बनाये गये थे ।
फिर ११ दिसंबर १९४६ को डॉ राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष बने ।
२ वर्ष १८ माह और ११ दिन के अथक परिश्रम के बाद २६ नवम्बर १९४९ को दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार हुआ ।
हमारे देश के संविधान निर्माताओ ने समय कि कमी के कारण दुनिया के अच्छे संविधानो से अच्छी बातो को लेकर इसे तैयार किया था , खैर इस पर ब्रिटेन , अमेरिका, जापान , रूस , जर्मनी , फ़्रांस , द० अफ्रीका , आस्ट्रेलिया , कनाडा आदि का अधिक प्रभाव रहा ।
संविधान सभा कि प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ भीम राव आंबेडकर थे ।
कोग्रेस द्वारा २६ जनवरी १९३० में मनाये गये स्वतंत्रता दिवस कि याद को अक्षुण बनाये रखने के लिए इसे तैयार होने के दो माह बाद २६ जनवरी १९५० को लागू कर दिया गया ।

सोमवार, 23 जनवरी 2012

मध्य प्रदेश में वन रक्षको के १३८४ पदों का विज्ञापन


व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा अपनी वेबसाइट पर वन विभाग में १३८४ पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया है ।

इसकी बाकि जानकारी व्यापम की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

शैक्षणिक योग्यता- १०+२ (हायर सेकेंडरी )

ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रारंभिक तिथि - २४ जनवरी २०१२, अंतिम तिथि २३ फरवरी २०१२



१५ अप्रैल २०१२ परीक्षा तिथि है ।



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शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

कैसे भगाए परीक्षा का भूत .!!


कई परीक्षार्थियों को परीक्षा के बारे में सोचकर ही बैचैनी महसूस होने लगती है । दिमाग में उथल-पुथल मच जाती है , कि क्या मैं सभी प्रश्नों के उत्तर दे पाऊंगा ? क्या सभी उत्तर सही होंगे ? जो मैंने सिलाबुस छोड़ दिया कहीं उसी में से प्रश्न आ गये तो ? थोडा और पढ़ लेता तो ठीक रहता ! परीक्षा के लिए तोडा और समय मिल गया होता तो अच्छा रहता ! इस तरह के न जाने कितने प्रश्न लगभग सभी विद्यार्थियों को परेशां करते है । थोडा - बहुत मानसिक दवाब बेहतर प्रदर्शन के लिए अच्छा रहता है मगर ज्यादा दवाब नुकसानदायक हो सकता है । यह व्यक्ति के चारो तरफ एक नकारात्मक घेरा बना देता है , और फिर विद्यार्थी मन लगाकर ठीक से नही पढ़ पाता है । और परीक्षा में न तो ठीक से प्रश्नों के उत्तर दे पाता है और न ही सटीक उत्तर दे पाता है ।
इस तरह के भय को दूर करने कुछ उपाय है :-

सबसे पहले तो समय रहते ही अपना कौर्स पहले पूरा कर ले और उसका रिवीजन भी करले । ताकि एन वक़्त पर व्यर्थ का तनाव न हो । पढ़ते समय छोटे छोटे ब्रेक लेते रहे , ताकि दिमाग रिफ्रेश होता रहे। ब्रेक चाहे संगीत सुनकर ले सकते है , थोडा टहल सकते है , कुछ खा सकते है , स्नान कर सकते है , किसी अच्छे मित्र से फोन पर बात कर सकते है । ऐसा ही कोई एक तरीका चुन सकते है ।
परीक्षा के एकाध दिन पहले अपना प्रवेश पत्र, पेन आदि अच्छे से चेक कर ले

परीक्षा केंद्र कि पूरी जानकारी जुटा ले , हो सके तो १ दिन पहले जाकर देख आये

परीक्षा पूर्व रात को पूरी नींद ले ।

परीक्षा कक्ष समय से कुछ पहले ही पहुचे ।

प्रश्नपत्र मिलने के पूर्व गहरी साँस ले और छोड़े , अपनी पीठ बिलकुल सीधी रखे ।
मन में कोई सकरात्मक बार दोहराए , जैसे - मैं ये इम्तिहान पास करने वाला है !
प्रश्नों को ध्यान से पढ़े फिर उत्तर दे , जो प्रश्न सरल हो उन्हें पहले फिर कठिन प्रश्नों को करें ।

समय का विशेष ध्यान रखे , प्रश्न पत्र में दिए निर्देशों को भी ध्यान रखे ।