बुधवार, 14 सितंबर 2011

सामान्य हिंदी की तैयारी कैसे करे ...१



आज हिंदी लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षायो में अनिवार्य होती जा रही । मगर हिंदी माध्यम के प्रतियोगी इसे सरल और सामान्य समझने की भूल करके उसे ज्यादा अच्छे तरीके से नही पढ़ते है । मगर हिंदी इतनी आसानभी नही जितना हम समझते है । आम बोल चाल की हिंदी और परीक्षा में पूछी जाने वाली सामान्य हिंदी में बहुत अंतर होता है । अगर हिंदी में हम कुछ छोटी- छोटी बातों का ध्यान रखे तो हिंदी न केवल सरल हो जाएगी बल्कि ये परीक्षायो में हमारे अंको में भी बेतहाशा वृद्धि कर सकती है । चूँकि हिंदी का पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन , गणित और तर्कशक्ति आदि की अपेक्षा सीमित होता है , तो यह जल्दी और अच्छे से तैयार तो होगा ही और हमारे अंको को ज्यादा बढ़ाएगा ।



अब आइये देखे कैसे हम हिंदी में अपने अंको को बढ़ा सकते है , और हिंदी सरल तरीके से पढ़ सकते है ।



# हिंदी व्याकरण पढ़ते समय हमें यह ध्यान रखना होगा की हम व्याकरण के नियमो को समझने के बाद जितना ज्यादा उनका वाक्य प्रयोग करेंगे वो हमें उतने ही ज्यादा समझ में आयेंगे । हाँ जब नियमो के अनुसार वाक्य प्रयोग करते है, तो कोशिश करें कि वाक्य किताबी न होकर मौलिक हो और रोचक हो ।



# पर्यायवाची, विलोम , अनेक शब्दों के लिए एक शब्द , समोच्चारित शब्द , विदेशज शब्दों को याद करने के लिए उनसे जुडी उन बातों से जोडें जिन्हें पहले से जानते है । जैसे -



पर्यायवाची शब्दों के लिए-



अगर हम ' पानी ' के पर्यायवाची को याद करते है :



जल, नीर , अम्बु, पय, वारि , सलिल



जल के पर्यायवाची याद होने के बाद हम इसका सम्बन्ध बादल , कमल और समुद्र से जोड़ सकते है । जैसे :- पानी के पर्यायवाचियो में 'द' जोड़ने से बादल के पर्यायवाची बन जायेंगे - जलद, नीरद , वारिद



'ज ' जोड़ने से कमल के पर्यायवाची हो जायेंगे - जलज , अम्बुज , वारिज , नीरज



' धि या दी' जोड़ने से समुद्र के पर्यायवाची होंगे - जलधि , वारिधि , नीरधि



क्रमश :

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